16-Oct-2019 12:00 AM
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अयाना मुखर्जी, युवा कुचिपुड़ी कलाकार ने 16 साल की उम्र में अपना प्रशिक्षण शुरू किया है और स्नातक की पढ़ाई पूरी की है, रबीन्द्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता से। पिछले दस वर्षों से वह गुरु जयराम राव और वनश्री राव के तहत सीख रही हैं।
उन्होंने अपने गुरुओं के साथ और एकल कलाकार के रूप में भी भारत और विदेशों के कई प्रतिष्ठित नृत्य महोत्सवों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया है। उन में ‘खजुराहो नृत्य समारोह’, ‘कोर्णाक नृत्य उत्सव’, ‘संगीत नाटक अकादेमी के अंतर्गत ‘उत्तर पूर्व नृत्योत्सव’, ‘रज़ा फाउंडेशन के तहत ‘आरम्भ श्रृंखला’, कतार व मलेशिया में भारत उत्सव शामिल हैं। उन्हें कई उपाधियों से सम्मानित किया गया है, ‘तराना सम्मान, दिल्ली’, ‘नृत्यति सम्मान, भिलाई’, ‘कला संस्कृति सम्मान, भिलाई’ आदि है।
पिछले कई बरसों से वह भारत में स्कूलों और कॉलेजों में कुचिपुड़ी कला के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्पिक मैके के साथ जुड़ी हुई है।